सोमवार, 10 अगस्त 2009

सुअर फ्लू (Swine Flu) के लक्षण और सावधानिया

सुअर फ्लू धीरे-२ भारत में फैल रहा है और यह लोगों में दहशत पैदा कर रहा है. अब तक सुअर फ्लू के 790 मामले भारत के विभिन्न भागों से आ चुके है और जिसमें से 511 लोगों को पहले से ही सुअर फ्लू के लिए इलाज किया गया हैं और वे सुरक्षित हैं. ६ मौतें भी सुअर फ्लू की वजह से हो चुकी है. सुअर फ्लू उपचार्य है अगर इसका समय पर पता चल जाये, यह बात याद रखने के लिए महत्वपूर्ण है. सुअर फ्लू परीक्षण करने के लिए, लोगों को पास के सरकारी अस्पतालों का दौरा करने का अनुरोध, कियोंकि केवल सरकारी अस्पताल ऐसे परीक्षणों का संचालन करने के लिए अधिकृत हैं. भारत के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है की भविष्य में सुअर फ्लू के रोगियों की संख्या में वृद्धि हो सकती हैं, पर लोगों को शांत रहने की आवशकता हैं क्योंकि सरकार लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ कर रही है. आरंभिक चरण में सुअर फ्लू का पता लगाना महत्वपूर्ण है जोकि सबसे पहले सुअर फ्लू के लक्षणों की जाँच के द्वारा किया जा सकता है . दूसरे, लोग दुआरा सुअर फ्लू से संक्रमित से बचने के लिए आवश्यक सावधानिया लेना आवश्यक हैं.

लक्षण सुअर फ्लू की
1) गंभीर बुखार (100 डिग्री सेल्सियस या 37.8 ° एफ से अधिक)
2) खांसी
3) गले के दर्द से कराह
4) शारीरिक दर्द
5) जोड़ों में दर्द
6) सिर की पीड़ा
7) ठंड
8) थकान
9) भरी हुई नाक

यदि सभी या उपरोक्त लक्षणों के बहुमत किसी भी व्यक्ति में मौजूद हैं तो यह उनके लिए महत्वपूर्ण है, सुअर फ्लू की जांच कराना.

इन लक्षणों के अलावा, लोगों को भी इन बातों की जाँच कर सकते हैं
1) वे हाल ही में किसी भी विदेशी देश की यात्रा की है.
2) वे सुअर फ्लू संक्रमित रोगी के संपर्क में हाल ही में आया है.
3) वे देश के उस हिस्से से आ रहे हैं या रहते हैं, जहां सुअर फ्लू के मामलों की अधिक संख्या है.
4) वे उस पशे में काम करते है जो उने रोगियों के संपर्क में आने के लिए मजबूर कर सकते है.

यह बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है अगर इन बातों का उपरोक्त लक्षणों के साथ मेल खाना तो सुअर फ्लू के लिए तत्काल जांच कराना.

आपातकालीन लक्षण सुअर फ्लू के जिनमे हस्पताल बरती की आवश्यकता हो सकती है.

बच्चे में
1) तेज श्वास या साँस लेने में दिक्कत.
2) बच्चा पर्याप्त पानी या तरल पदार्थ पी नहीं रहा.
3) नीला सा त्वचा रंगीन
4) बच्चा अचानक चिड़चिड़ा या बातचीत नहीं कर रहा है
5) बुखार के साथ ददोरा

वयस्कों में
1) श्वास या साँस लेने के में कठिनाई
2) छाती और पेट में दर्द
3) गड़बड़ / चक्कर
4) लगातार उल्टी

सुअर फ्लू से बचाव के लिए सावधानियों -

1) एक स्वच्छ और साफ पर्यावरण में रहे.
2) हाथ मिलाने या छींक के बाद के बाद अपने हाथ साबुन से नियमित रूप से साफ करे.
3) किसी भी सुअर फ्लू संक्रमित रोगी से मिलने से बचे.
4) भीड़ भरे स्थानों या अस्पताल में जाने से पहले मुखौटा (preferably N95 या तीन लिएर बाला साधारण मुखौटा पहने) का प्रयोग करें .
5) बच्चों के लिए अतिरिक्त ध्यान दें.
6) सुअर फ्लू के लिए टेस्ट कराए यदि बुखार या सुअर फ्लू के लक्षणों और गंभीर हो जाते है यां लंबे समये तक चलते है. 7) लोग कोई सुअर फ्लू संक्रमित देश या जगह पर जाने से बचें. क्योंकि इस तरह के संक्रमण फैल सकता है
8) अपनी आंखों, नाक और मुह को छुने से बचें.
9) खाना अच्छी तरह से पका कर ही खाए.

सुअर फ्लू हेल्प नंबर सरकार भारत के 011-23921401 (दिल्ली सरकार) और टोल फ्री नंबर 1075 या 1800-11-4377 (सभी भारत)

इस लेख को इंग्लिश में पढ़े
Swine Flu symptoms and precautions

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