रविवार, 23 अगस्त 2015

डाउनलोड करे हिंदी सुविचार की एंड्राइड ऐप (Download Hindi Thoughts (Suvichar) Free Android App)

अब आप हिंदी भाषा में सुंदर हिंदी सुविचार अपने मोबाइल फ़ोन पर भी पढ़ सकते है।  इसके लिए आप को हिंदी विचार की मुफ्त में उपलब्ध एंड्राइड ऐप को डाउनलोड करना होगा।  इस ऐप के द्वारा सैंकड़ो हिंदी विचारों को पढ़ सकते है।  सभी हिंदी विचारों को सुंदर तस्वीरों के रूप में पेश किया गया है।  इन विचारों को अमल में लाकर हम जीवन में कई अच्छे सुधार ला सकते है।

आज के समय में मोबाइल फ़ोन हमारा एक सच्चा साथी बन गया है और इससे हम कई कार्य ले सकते है।  मोबाइल एप्लीकेशन (ऐप) हमारे मोबाइल फ़ोन और अधिक सक्षम बना रही है।  हिंदी विचार की मोबइल ऐप इसी तरफ एक कदम है।  इस ऐप की मदद से आप कभी भी और कही हिंदी सुविचार  पढ़ सकते है और इतना ही नहीं आप इन हिंदी विचारों को अपने मित्रों के साथ बाँट भी सकते हो।

हिंदी विचार ऐप के जरिये आप रोज नये हिंदी सुविचार  भी पढ़ सकते है।  यह ऐप आप को हिंदी विचार का सबसे बड़ा संग्रह प्रधान करती है जो लगातार बढ़ता ही जा रहा है।

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कुछ हिंदी विचार की झलकियाँ


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शनिवार, 8 अगस्त 2015

पैसे की गुलामी (Slavery of Money)

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जीवन जीने के लिए एक महत्वपूर्ण चीज़ पैसा है जिसके बिना आज के समय में जीवन जीने की कल्पना करना भी असंभव है।  आज हम एक ऐसी दुनिया में रहते है जहाँ हमें हर जरुरी चीज के लिए बाज़ार पर निर्भर रहना पड़ता है।  पहले के समय में ऐसा नहीं था, लोग बहुत सारी जरुरी चीज़े खुद ही उगाते थे या अपने समान को बदल कर दूसरा समान ले लेते थे।  आज हम हर चीज़ के लिए केवल बाज़ार पर ही आश्रित है और बाज़ार में पैसा चलता है।

दुनिया भर की सरकारे भी ऐसी आर्थिक व्यवस्था को बढ़ावा दे रही है जिसमें बाजारवाद को बढ़ावा मिले।  इस कारण पैसे का महत्व बहुत ही अधिक बढ़ता जा  रहा है।  इस आर्थिक व्यवस्था को बढ़ाने और चलाने के लिए लोगों को उपभोक्ता की तरह इस्तेमाल किया जाता है।  पैसे के इर्द गिर्द इतनी जटिलतायें बुन दी जाती है कि एक इंसान पूरी जिंदगी पैसे को कमाने में और इसकी चिंता में नष्ट देता है।

पैसा का हमेशा ही जीवन में एक महत्वपूर्ण स्थान रहा है पर आज के समय में यह बहुत ही अहम स्थान पर पहुंच गया है और इसके बिना जीवन जीने की कल्पना भी नहीं की जा सकती।  आज लोग हर छोटी और बड़ी चीज़ के लिए बाजार पर निर्भर है और उसके लिए पैसा चाहिए।  इस तरह की अर्थव्यवस्था से बड़े उद्योगपतियों को खूब फायदा हो रहा है पर लोग पैसे के जाल में फँसते जा रहे है।

पहले के समय में लोग पैसे का बहुत काम इस्तमाल करते थे और जीवन यापन की बहुत सारी चीज़े अपने आस पास से बिना पैसे के ही हासिल कर लेते थे।  पर आज लोगों में पैसे की ग़ुलामी को स्वीकार कर लिया है और वह पूरा जीवन इसी का पीछा करते हुए बिता देते है।  हमारे पैसे के लेनदेन मात्र से ही कई लोग अमीर हो जाते है।  हमारे पैसे के लेनदेन से बैंक मुनाफा कमाते है और सरकारों को टैक्स लगाने का मौका मिलता है।

इस तरह की अर्थव्यवस्था में हम बिना जाने अपने लिए कम और दूसरों को अमीर बनाने के लिए अधिक काम करते है।  हमारे ही मेहनत से बिना किसी मेहनत के आर्थिक संस्थाए और बड़े उद्योगपति अमीर हो जाती है।  पर समस्या यह है कि बहुत ही काम लोग इस बात को अपने जीवन काल में समझ पाते है और पूरा जीवन पैसे की गुलामी में नष्ट देते है।  

शुक्रवार, 7 अगस्त 2015

कलयुग के नकली संत (A modern fake saint)

भारत के समाज में संतों का एक विशेष स्थान है और इसी लिए हम हिन्दुस्तान में इतने सारे संतों को पाते है। यह संत हर धर्म में मौजूद है और लोगों का इन पे गहरा विश्वास भी है। हिन्दू समाज में तो इन संतो की भरमार है। मैं संतों के ख़िलाफ़ नहीं हूँ क्योंकि इन संतों ने हिन्दू समाज की बेहतरी के लिए बहुत अच्छे काम किये है। पर पिछले कुछ समय से हम इन संतों के बारे में बड़ी ही अशोभनीय  खबरें सुन रहे है। इस की जीती जागती मिसाल बापू आशाराम का मामला है जिसने पुरे देश को शर्मसार कर दिया।

Asha Ram
आज कई संत लोगों के अंधे विश्वाश का गलत फ़ायदा उठा रहे है अपने गलत कामों को पूरा करने के लिए और धन सम्पति हासिल करने के लिए। जितना पैसा और सम्पति यह संत कुछ सालों में ही एकत्रित कर लेते है, उतनी शायद बड़े-बड़े कारोबारी भी पूरी जिंदगी में हासिल नहीं कर पाते हैं। आज आस्था के नाम पर एक व्यापार शुरू हो गया है, और बढ़ता ही जा रहा है। कुछ ही समय में एक ग़रीब और असफ़ल व्यक्ति, एक अमीर और प्रसिद्ध संत बन जाता है। राधे माँ और निर्मल बाबा, एक बड़ी मिसाल है कि कैसे एक हरा हुआ इंसान कुछ ही समय में दूसरों के दुःख दूर करने लगता है और करोड़ों की सम्पति अर्जित कर लेता है।

Nirmal baba
आज पैसा इस कदर सब पे हावी  हो रहा है कि कोई भी व्यक्ति (चाहे कैसा भी उसका अतीत रहा हो) एक ऊँचा संत बन जाता है। सचिन दत्ता के मामले में हमने यही देखा कि कैसे एक ग़लत कार्य में लिप्त रहने वाला व्यक्ति महामंडलेश्वर बन गया। एक सच्चा संत वह होता है जो आडंबर, लालच, मोह और अहम से दूर रहते हुए एक स्वछ जीवन जीता है। कल पुरे भारत नें राधे माँ की कुछ तस्वीरें देखी और इन तस्वीरों में राधे माँ कुछ इस डंग से नज़र आई, जैसा हम एक संत से अपेक्षा नहीं रखते है।

Radhe Maaलोगों को भी कहीं न कहीं यह समझना होगा कि हम सीधे भी परमात्मा से जुड़ सकते है और इसके लिए हमें पाखण्डी संतो की जरुरत नहीं है। अगर हमने इन नकली संतो का वहिष्कार नहीं किया तो यह हमारे समाज को खोखला कर देंगें। इन नलकी संतो पर अरबों रुपये खर्च करने की बजाए हम करोड़ो गरीबों का भला कर सकते है। इसके लिए हम इंसानों को भी अपने आप से ऊपर उठ कर सोचना होगा और अंधविश्वास से परे जाना होगा।

सोमवार, 3 अगस्त 2015

बढ़ती धार्मिक असहनशीलता

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मुझे एक बात का बहुत दुःख है कि आज़ादी के इतने साल बाद भी हम दूसरे धर्मो के साथ प्यार से रहना नहीं सीख पाए। आज भी कुछ धर्म के ठेकेदार लोगों को अपने हिसाब से ढालने में सफल हो रहे है। इन धर्मो के ठेकेदारों का केवल एक मक़सद होता है हमें बाँट कर हम पे राज करना। आज के सभ्य और शिक्षित समाज से हम अपेक्षा कर सकते हैं कि वह इस छोटी सोच से ऊपर उठ कर एक ऐसे समाज को बनाएगें जिसमें सभी लोग दूसरें धर्मो का सम्मान करेंगें। आज भारत के पीछे रहने का प्रमुखः कारण धार्मिक कट्टरपंथता है।

में धर्म का विरोधी नहीं हूँ पर में धर्म के नाम पर अंधविश्वास और कट्टरवाद को बढ़ाने के ख़िलाफ़ हूँ। धर्म के केवल एक मकसद है, हमें आध्यात्मिक ज्ञान का रास्ता दिखाना और एक अच्छे व्यक्ति बनाना , पर आज इस का बिलकुल उलटा हो रहा है। आध्यात्मिक ज्ञान तो बहुत पीछे छूट गया है और अंधविश्वास हम पर छा गया है। इस अन्धविश्वास और कट्टरवाद के कारण लोगों में नफ़रत फैल रही है, और लोगों का लोगों के ऊपर से विश्वास उठ रहा है।

अगर हम एक अच्छे समाज की रचना करना चाहते है तो हमें धार्मिक सहनशीलता को बढ़ावा देना होगा। हमें यह सही मायने में समझना होगा कि धर्म का असली मतलब क्या है और क्या एक धार्मिक इंसान के फर्ज होते है। इस कार्य में धार्मिक गुरु और राजनेता, लोगो का पथप्रदर्शन कर सकते है कि वह कैसे एक अच्छे इंसान बने अपने धर्म पर चलते हुए। पर आज इस का उलटा हो रहा है लोगों में नफ़रत और धार्मिक असहनशीलता फैला कर। लोगों का भी यह फ़र्ज बनता है कि वह सही और गलत की पहचान करे और एक अच्छे समाज की रचना करे.

बुधवार, 29 जुलाई 2015

10 प्रेरक हिंदी विचार तस्वीरों के रूप में (10 Motivational Hindi Thoughts)

में आपके सामने रखने जा रहा हूँ, दस प्रेरक हिंदी विचार, जिन्हें पड़ कर आप प्रेरणा हासिल कर सकते है।  जीवन कई बार हम सभी को प्रेरणा की आवश्यकता पड़ती है और इस समय हम प्रेरक हिंदी विचारों का सहारा ले सकते है।  और और हिंदी विचार पढ़ने के लिए आप मेरे दुसरे ब्लॉग http://hindithoughts.arvindkatoch.com/ पर पढ़ सकते है I आप हमारा हिंदी विचार एप गूगल प्ले से डाउनलोड कर सकते है। To Download free Hindi Thoughts Android App Click Here

10 प्रेरक हिंदी विचार तस्वीरों के रूप में (10 Motivational Hindi Thoughts) 

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It is Better to Face Fear 

2) Hindi Thought by Swami Vivekanada on Failure

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Hindi Thought by Swami Vivekanada 

3) Hindi Thought on Thankful


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Hindi Thought on Bad Time
4) Hindi Thought on To be Happy 

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To be happy doesn't mean everything is fine
5) Hindi Thought Hard Work
Hard work, stairs, luck, lift, time, heights, Hindi Thoughts, Quote
Hard work is like stairs and Luck is like a lift.
6) Hindi Thought on Impress the World 

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I do not exist to impress the world 
7) Hindi Thought on Clock

Treat, useless person, life, stopped watch, time, Hindi Thought, Quote,
Don't treat anyone as a useless person in life
8) Hindi Thought on Chosen Path

confidence, succeed, Hindi Thought, Quote, Dhirubhai Ambani,
If you Believe your chosen Path  Hindi Thought
9) Hindi Thought on Success 
succeed, willing, Hindi Thought, Quote, depends
Will You Succeed or Not (Hindi Thought)
10) Hindi Thought on Never Give Up 

Hard time, Rumi, oppose, feel, Never giveup, Rumi, Rumi quote, Hindi,
When you go through a hard period

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