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कांग्रेस मुक्त भारत, एक सपना या वास्तविकता (Country Free of Congress, A dream or Reality)



हाल में हुए विधानसभा चुनाव में को कांग्रेस तो करारी हार का सामना करना पड़ा।  इस कारण से देश में एक नयी बहस शुरू हो गयी है कि क्या हम कांग्रेस मुक्त भारत की तरफ बड़ रहे है।  आज कांग्रेस की सत्ता केवल एक बड़े प्रांत कर्नाटक और ६ छोटे प्रदेशों तक सिमट गई है।  वही दूसरी तरफ बीजेपी अपना स्तर सुधरती जा रही है।

मेरे विचार में ये अभी कह देना बहुत जल्दी है कि कांग्रेस खत्म होने जा रही है।  यह बात सच है कि कांग्रेस कमजोर होती हुई नजर आ रही है और बहुत से इसके नेता इस को छोड़ कर जा रहे है।  आज की कांग्रेस की राजनिति कुछ ही चेहरों के इर्द गिर्द सिमट गई है और यह चेहरे भी कुछ कमाल नहीं दिखा पा रहे है।  युवा वर्ग कहीं न कहीं कांग्रेस से दूर जाता नज़र आ रहा है।

यदि कांग्रेस २०१९ में वापसी करना चाहती है तो उसे युवा वर्ग के साथ की जरुरत है।  बहुत से बूढ़े हो चुके कांग्रेस के नेताओं को अब आराम की आवश्यकता है।  कांग्रेस के बड़े नेताओं को भी कमर कस लेने की आवश्यकता है ताकि वह लोगों का खोया विश्वास जित सके।  कांग्रेस अभी भी एक ताकत है पर यदि उसने अपने में सुधार नहीं किये तो कांग्रेस मुक्त भारत का सपना एक साकार हो जायेगा।

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